ग्रंथ ज्ञान
इस परियोजना में उपयोग किए गए शास्त्रों का सूचकांक — प्रत्येक ग्रंथ किस देवता से किस संदर्भ में जुड़ा है, यह स्पष्ट रूप से दर्ज है।
वेद
ऋग्वेद — हिरण्यगर्भ सूक्त (10.121)
सृष्टि के आदि-स्रोत का वैदिक स्तोत्र
ब्रह्माऋग्वेद 1.22, 1.154
विष्णु के त्रिविक्रम (तीन पगों) की वैदिक स्तुति
विष्णुऋग्वेद 7.59.12
महामृत्युंजय मंत्र का वैदिक मूल स्रोत
शिवगणपति अथर्वशीर्ष
गणेश गायत्री एवं दार्शनिक स्तुति से संबद्ध लघु उपनिषद-सदृश ग्रंथ
गणेशपुराण
शिव पुराण
पाँचवें सिर, केतकी-श्राप एवं कालभैरव-प्रसंग
ब्रह्मा · शिवभागवत पुराण
ब्रह्मा: मानसपुत्रों की सूची, भृगु-परीक्षा · विष्णु: गजेंद्र मोक्ष, वामन-बलि कथा (स्कंध 8)
ब्रह्मा · विष्णुस्कंद पुराण
ब्रह्मा की दो पत्नियाँ; पुष्कर-माहात्म्य
ब्रह्मामत्स्य पुराण
गायत्री-सावित्री-सरस्वती-शतरूपा एकत्व का वैकल्पिक मत
ब्रह्माविष्णु पुराण
समुद्र मंथन, त्रिमूर्ति-सिद्धांत एवं विष्णु-केंद्रित सृष्टि-दर्शन
विष्णुशिव पुराण (अतिरिक्त संदर्भ)
सती-दक्ष यज्ञ, पार्वती-विवाह — शिव-केंद्रित पूर्ण विवरण
शिवदेवी भागवत पुराण
शक्तिपीठों की उत्पत्ति — शाक्त परिप्रेक्ष्य से सती-कथा
शिवगणेश पुराण / मुद्गल पुराण
गणपत्य-संप्रदाय का दृष्टिकोण — गणेश को स्वयंभू परम देवता मानने वाला
गणेशनारद पुराण
संकटनाशन गणेश स्तोत्र का परंपरागत स्रोत — पूर्ण पाठ गणेश जी के पेज पर
गणेशदेवी महात्म्य / दुर्गा सप्तशती
मार्कण्डेय पुराण के 13 अध्याय — शाक्त परंपरा का मूल-पाठ (D006, D009, D010 का प्रधान स्रोत)
दुर्गा · काली · पार्वतीस्कंद पुराण
कार्तिकेय-केंद्रित विशालतम पुराण; काशी-खंड (अन्नपूर्णा) सहित
कार्तिकेय · पार्वतीब्रह्म वैवर्त पुराण
प्रकृति खंड — त्रिदेवी-शाप कथा एवं तुलसी-सूत्र
सरस्वती · लक्ष्मीकाव्य एवं क्षेत्रीय ग्रंथ
कुमारसंभव (कालिदास)
शिव-पार्वती मिलन एवं कार्तिकेय-जन्म का शास्त्रीय महाकाव्य
कार्तिकेय · पार्वतीतिरुमुरुगाற்றुप्पडै / कंद पुराणम्
संगम-युगीन एवं तमिल मुरुगन-परंपरा के मूल ग्रंथ
कार्तिकेयकृत्तिवासी रामायण (बांग्ला)
अकाल बोधन एवं नीलकमल-प्रसंग का स्रोत
दुर्गाश्री सूक्त (ऋग्वेद-खिल)
लक्ष्मी-उपासना का प्राचीनतम वैदिक पाठ
लक्ष्मीऋग्वेद 10.125 — वाक्/देवी सूक्त
वाक् आम्भृणी का आत्म-उद्घोष — देवी-उपासना का वैदिक आदि-पाठ
सरस्वती · दुर्गाश्यामा-संगीत परंपरा
रामप्रसाद-कमलाकांत का बांग्ला काली-भक्ति काव्य
कालीइतिहास (महाभारत एवं रामायण)
महाभारत — आदिपर्व
मानसपुत्रों की संक्षिप्त सूची (छह नाम)
ब्रह्मामहाभारत — अनुशासन पर्व
विष्णु सहस्रनाम — भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को शरशय्या पर दिया गया उपदेश
विष्णुभगवद्गीता 4.7-4.8
"यदा यदा हि धर्मस्य..." — अवतार-सिद्धांत का शास्त्रीय आधार
विष्णुवाल्मीकि रामायण — बालकाण्ड
गंगावतरण कथा का विस्तृत स्रोत
शिवस्मृति साहित्य
रामायण-कृष्ण साहित्य (D011-D015 विस्तार)
वाल्मीकि रामायण
आदिकाव्य — सातों कांडों का उपयोग D012, D013, D015 पर; बाल-उत्तर कांड के पाठ-स्तर विवाद दर्ज
राम · सीता · हनुमानरामचरितमानस (तुलसीदास)
अवधी भक्ति-महाकाव्य — केवट, शबरी, पादुका-प्रसंगों का जीवित पाठ
राम · हनुमानश्रीमद्भागवत — दशम स्कंध
कृष्ण-लीला का मूल-कोश; राधा-मौन की चर्चा D011 पर
कृष्ण · राधाश्रीमद्भगवद्गीता
भीष्म पर्व 23-40 — कर्म-भक्ति-ज्ञान का समन्वय-शास्त्र
कृष्णसीता उपनिषद्
सीता को त्रिविध-शक्ति रूप में स्तुत करने वाला शाक्त-वैष्णव पाठ
सीतारामरक्षा स्तोत्र
बुधकौशिक-कृत — आठ विभक्तियों वाला शिखर-श्लोक राम-पेज पर
रामदशावतार-साहित्य (D016-D020 विस्तार)
मत्स्य पुराण
मत्स्य-मनु संवाद रूप महापुराण — राजधर्म, तीर्थ, वास्तु-शिल्प
मत्स्यकूर्म पुराण — ईश्वर गीता
कूर्म-मुख महापुराण; हृदय में शिव-गीता — हरि-हर समन्वय
कूर्मवराह पुराण
वराह-भूदेवी संवाद — व्रत, तीर्थ, भक्ति-प्रकरण
वराहभागवत — सप्तम स्कंध
प्रह्लाद-चरित एवं नवधा-भक्ति सूची का मूल-पाठ
नृसिंहनृसिंह-तापनीय उपनिषद्
मंत्रराज-परंपरा का श्रौत-आधार
नृसिंहऋग्वेद — विष्णु त्रिपाद-सूक्त
1.22, 1.154 — "इदं विष्णुर्वि चक्रमे": वामन-तत्व का वैदिक बीज
वामनगीतगोविंद — दशावतार-स्तोत्र (जयदेव)
प्रत्येक अवतार-पेज पर संबंधित अष्टपदी अर्थ-सहित
दशावतारD021-D030 विस्तार — स्तोत्र, आगम एवं क्षेत्र-ग्रंथ
कल्कि पुराण
भावी अवतार की पूर्ण जीवनी — परवर्ती उपपुराण (स्तर-चिह्नित)
कल्कि · परशुरामविष्णु पुराण — मायामोह प्रकरण
3.17-18 · बुद्ध-अवतार धारा का पाठ-मूल
बुद्ध-अवतारगीतगोविंद — संपूर्ण दशावतार-माला
अब दसों अष्टपदियाँ (मीन से कल्कि) अपने-अपने पेजों पर अर्थ-सहित
दशावतारकालभैरवाष्टकम्
शंकर-परंपरा · काशी-कोतवाल की अष्टक-स्तुति
काल भैरवदक्षिणामूर्ति स्तोत्र + मानसोल्लास
शंकर-दशक एवं सुरेश्वर-वार्तिक — मूर्ति पर दर्शन-ग्रंथ
दक्षिणामूर्तिरघुवंश-मंगलाचरण (कालिदास)
"जगतः पितरौ वन्दे" — अर्धनारी-दर्शन का काव्य-शिखर
अर्धनारीश्वरकोयिल पुराणम् / शैव सिद्धांत
चिदंबरम-परंपरा एवं पंचकृत्य-दर्शन के पाठ
नटराजगणेश / मुद्गल पुराण
अष्टविनायक क्षेत्र-कथाओं के ग्रंथ-मूल
अष्टविनायकD039-D048 विस्तार — वैदिक-उपनिषद् मूल-पाठ
ऋग्वेद 1.32 — वृत्र-सूक्त
भारतीय वीर-काव्य की आदि-ऋचाएँ (इन्द्र-पेज पर उद्धृत)
इन्द्रऋग्वेद 1.1 — प्रथम मंत्र
"अग्निमीळे" — वेद-वाङ्मय का उद्घाटन
अग्निकेनोपनिषद् — यक्ष-आख्यान
अग्नि-वायु-इन्द्र-उमा: शक्ति के स्रोत का प्रश्न
वायु · अग्नि · इन्द्रऐतरेय — शुनःशेप + तैत्तिरीय भृगुवल्ली
क्षमा-शास्त्र और अन्न→आनंद ब्रह्म-सीढ़ी
वरुणगायत्री (ऋग्वेद 3.62.10)
सवितृ-स्तुति — संध्या-परंपरा का महामंत्र
सूर्यछांदोग्य 8 — इन्द्र-विरोचन
प्रजापति की आत्मविद्या-कक्षाएँ
इन्द्रमहाभारत आदि पर्व — कच-ययाति उपाख्यान
"न जातु कामः..." — भोग-दर्शन का आदि-श्लोक
शुक्रनवग्रह-स्तोत्र (व्यास-परंपरा)
नौ श्लोकों की ग्रह-वंदना — छहों प्रकाशित ग्रह-पेजों पर यथा-श्लोक
नवग्रहD049-D068 विस्तार — उपनिषद्-सूक्त-आगम मूल-पाठ
कठोपनिषद — यम-नचिकेता
"उत्तिष्ठत जाग्रत" — आत्म-विद्या का प्रवेश-द्वार
यमकेनोपनिषद — उमा हैमवती
ब्रह्मविद्या की प्रथम आचार्या — हिमवान-पुत्री
हिमवानअथर्ववेद 12.1 — भूमि-सूक्त
"माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः" — प्रथम पर्यावरण-घोषणापत्र
पृथ्वीऋग्वेद 5.40 — स्वर्भानु-प्रकरण
ग्रहण-कथा का वैदिक आदि-रूप; अत्रि-उद्धार
राहुऋग्वेद 10.75 — नदी-सूक्त
"इमं मे गंगे यमुने..." — सप्त-सिंधु भूगोल-स्तुति
गंगा-यमुनाऋग्वेद 10.59 — निर्ऋति-ऋचाएँ
परावर्तन-स्तुति — विदा की प्रार्थना
निर्ऋतितैत्तिरीय आरण्यक — ईशान-मंत्र
"ईशानः सर्वविद्यानाम्" — पंचब्रह्म-अंग
ईशानभागवत 10.22 — कात्यायनी-व्रत
गोपी-मंत्र शब्दशः — नवदुर्गा का मूल-संहिता प्रमाण
कात्यायनीस्कंद पुराण — रेवाखंड
नदी-माहात्म्य साहित्य का महत्तम एकल-कोश
नर्मदादेवी कवच — नवदुर्गा-क्रम
"प्रथमं शैलपुत्री च..." — नौ रूपों का चार्टर-श्लोक
नवदुर्गादेवी-माहात्म्य 1 — रात्रि-त्रय स्तुति
कालरात्रि-महारात्रि-मोहरात्रि पद-दर्शन
कालरात्रिरामायण उत्तरकांड — वैश्रवण-चरित
लंका-पुष्पक-अलका की मूल वंश-गाथा
कुबेरD069-D093 विस्तार — युगल-लोक मूल-पाठ
योग-सूत्र विभूति-पाद 3.37
"ते समाधावुपसर्गाः" — सिद्धि-विनय का शास्त्र-सूत्र
सिद्धिदात्रीकलिसंतरण उपनिषद् — महामंत्र
सोलह-नाम; गौड़ीय राधा-अन्वय चिह्नित
राधा-कृष्णवाल्मीकि बालकांड 73 — कन्यादान-वाक्य
"इयं सीता मम सुता सहधर्मचरी तव"
सीता-राममानस बालकांड — सीयराममय चौपाई
युगल-दृष्टि का भक्ति-वेदांत
सीता-रामशिव/पद्म पुराण — जालंधर-वृंदा प्रकरण
शालिग्राम-तुलसी की मूल-कथा; धारा-भेद चिह्नित
लक्ष्मी-नारायणछांदोग्य 6.8.7 — तत्त्वमसि
शबरीमला द्वार-महावाक्य — भक्ति से वेदांत
अयप्पाशीतलाष्टक (स्कंद-धारा)
"वन्देऽहं शीतलां देवीं" — प्रतीक-कोश ध्यान-श्लोक
शीतलायोग-सूत्र साधन-पाद 2.42
"संतोषादनुत्तमः सुखलाभः" — नाम का शास्त्र
संतोषीशतक-पूर्ति विस्तार (D070-D100) — मूल-पाठ
ऋग्वेद 3.62.10 — गायत्री
"तत्सवितुर्वरेण्यं..." — विश्वामित्र-दृष्ट महामंत्र
गायत्रीऋग्वेद 1.164.20 — द्वा सुपर्णा
आत्मा-परमात्मा का आदि-रूपक
गरुड़ब्रह्मांड पुराण — ललितोपाख्यान
भंडासुर-चक्र; सहस्रनाम-पूर्वपीठिका
ललितामहाभागवत — महाविद्या-प्राकट्य
दश-दिक् दर्शन (उप-पुराण स्तर चिह्नित)
महाविद्यायुद्धकांड 18.33 — शरणागति-व्रत
"सकृदेव प्रपन्नाय..." — प्रपत्ति-मूल
विभीषणकिष्किंधाकांड 17-18 — बालि-राम संवाद
महाकाव्य की आत्म-जिरह
सुग्रीवआदि-पर्व — सौपर्ण-आख्यान
अमृत-हरण महाकाव्य (20-34)
गरुड़आदि-पर्व 36 — शेष-वर
"बुद्धि धर्म में स्थिर रहे" — धरणी-धारण
शेषनागतैत्तिरीय 3.2 — अन्नं ब्रह्म
भृगुवल्ली का अन्न-दर्शन
अन्नपूर्णारघुवंश 1.1 — जगतः पितरौ
वागर्थ-युगल मंगलाचरण
उमा-महेश्वरमनसामंगल — बेहुला-गाथा
बांग्ला मंगलकाव्य शिखर (15वीं-18वीं शती)
मनसाशिव पुराण — नंदीश्वर-चरित
शतरुद्र-संहिता का शिलाद-चक्र
नंदीआगे: उपनिषद, आगम, तंत्र एवं स्तोत्र साहित्य की श्रेणियाँ नए देवताओं के शोध के साथ भरी जाएँगी (Master Prompt Section 80)।